This party encourages us to create profound connections with our inner selves, which encourages spiritual growth and peace. This holy time reminds us the core of devotion will be the purity of our hearts as well as the sincerity of our prayers.
* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।
नोट : उपरोक्त में से किसी एक मंत्र का ही प्रयोग करें।
यह समय आत्मज्ञान और ईश्वर के करीब जाने का अवसर प्रदान करता है।
अष्टमी या नवमी को दुर्गा पूजा के बाद नौ कन्याओं का पूजन करें और उन्हें तरह-तरह के व्यंजनों (पूड़ी, चना, हलवा) का भोग लगाएं।
व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।
* पितृदोष और कालसर्प दोष जैसे दोषों को दूर करती हैं।
घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।
अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।
इसमें पहले कलश को गंगा जल से भरें, उसके मुख पर आम की पत्तियां लगाएं और उस पर नारियल रखें।
* जीवनसाथी या किसी खास मित्र से संबंधों में आ रहे तनाव को दूर करती हैं।
घट स्थापना करें: read more मिट्टी के पात्र में जौ (जवारे) बोएं।
कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।
पूजा आरंभ करें: दीपक जलाकर देवी का आवाहन करें।
मंत्र साधना के लिए एकांत और शांत स्थान चुनें।